बिहार के प्रमुख पर्व-त्योहार बिहार को पर्व त्योहार का प्रांत कहा जाता हैं। विविध सभ्यता और संस्कृति में जीवन जीने वाले यहाँ के लोगो में पर्व -त्योहार उमंग और उल्लास का संचार करते हैं एवं इनके जीवन के संघर्ष को सुगम बनाते हैं। राज्य मे मनाये जाने वाले कुछ प्रमुख पर्व-त्योहार के बारे मे आज हमलोग चर्चा करेगे । ये लेख आप @ Bihari Blog पर पढ़ रहे हैं। बसंत पंचमी / सरस्वती पुजा : माघ माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी को बसंत पंचमी मनायी जाती हैं।उस दिन शिक्षा की देवी माँ सरस्वती की पूजा अर्चना की जाती है तथा दूसरे दिन इसका विसर्जन किया जाता हैं।बिहार के लोग इस पूजा को बहुत धुमधाम और हर्षोल्लास से मनाते हैं। रामनवमी यह त्योहार भगवान राम की जन्म तिथी के रुप मे मनाया जाता है । रामनवमी चैत मास की शुक्ल पक्ष की नौवीं तिथी को हर्षोल्लास के साथ पुरी निष्ठा और भक्ती भाव से पूजा की जाती हैं। इस पूजा मे बहुत से लोग पुरे नौ दिनो तक अन्न - जल त्याग कर नौ दिनो तक माँ चैती दुर्गा की आराधना करते हैं। रक्षा बंधन ...
प्रेरणादायक कहानी Short Motivational Story 🙏 * साक्षात्कार *🙏 Motivational Story @ https://bihariblog-gaurav.blogspot.com बड़ी दौड़ धूप के बाद, गौरव ऑफिस पहुंचा,उसका आज पहला जाँब इंटरव्यू था, घर से निकलते हुए वो सोच रहा था,काश ! इंटरव्यू में आज कामयाब हो गया,तो अपने पुश्तैनी मकान को अलविदा कहकर यहीं शहर में सेटल हो जाऊंगा.. मम्मी पापा की रोज़ की चिक चिक,मग़जमारी से छुटकारा मिल जायेगा । सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक होने वाली चिक चिक से परेशान हो गया हूँ । जब सो कर उठो,तो पहले बिस्तर ठीक करो,फिर बाथरूम जाओ,बाथरूम से निकलो तो फरमान जारी होता है "नल बंद कर दिया ?" तौलिया सही जगह रखा या यूँ ही फेंक दिया ? नाश्ता करके घर से निकलो तो डांट पडती है "पंखा बंद किया या चल रहा है ?" क्या क्या सुनें यार,नौकरी मिले तो घर छोड़ दूंगा.. ऑफिस में बहुत सारे उम्मीदवार बैठे थे,बॉस का इंतज़ार कर रहे थे,दस बज गए | अचानक गौरव की नजर पैसेज की बत्ती पर गई जो अभी तक जल रही है, माँ याद आ गई,तो बत्ती बुझा दी । ऑफिस के दरवाज़...