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बिहार के पर्व-त्योहार


बिहार के प्रमुख पर्व-त्योहार

बिहार  को पर्व त्योहार का प्रांत कहा जाता हैं। विविध सभ्यता और संस्कृति में जीवन जीने वाले यहाँ के लोगो में पर्व -त्योहार उमंग और उल्लास का संचार करते हैं एवं इनके जीवन के संघर्ष को सुगम बनाते हैं। राज्य मे मनाये जाने वाले कुछ प्रमुख पर्व-त्योहार के बारे मे आज हमलोग चर्चा करेगे ।

ये लेख आप @Bihari Blog पर पढ़ रहे हैं।

बसंत पंचमी / सरस्वती पुजा :      माघ माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी को बसंत पंचमी मनायी जाती हैं।उस दिन शिक्षा की देवी माँ सरस्वती की पूजा अर्चना की जाती है तथा दूसरे दिन इसका विसर्जन किया जाता हैं।बिहार के लोग इस पूजा को बहुत धुमधाम और हर्षोल्लास से मनाते हैं।

रामनवमी      यह त्योहार भगवान राम की जन्म तिथी के रुप मे मनाया जाता है । रामनवमी चैत मास की शुक्ल पक्ष की नौवीं तिथी को  हर्षोल्लास के साथ पुरी निष्ठा और भक्ती भाव से पूजा की जाती हैं। इस पूजा मे बहुत से लोग पुरे नौ दिनो तक अन्न - जल त्याग कर नौ दिनो तक माँ चैती दुर्गा की आराधना करते हैं।

 रक्षा बंधन      यह त्योहार श्रावन माह की पूर्णिमा को मनाया जाता हैं। उस दिन बहनें अपने भाईयो को  राखी बांधती हैं । 

होली   बिहार मे होली बहुत ही उत्साह से हर उम्र के लोग सारे गिलेशिकवे भुलाकर , एक दुसरे को गले लगाकर , रंग -गुलाल और अबीर लगाते हैं तथा मिल बैठकर होली के गीत गाते हैं । होली हर्ष और उल्लास का पर्व फाल्गून की  पूर्णिमा को मनाया जाता हैं। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत के रुप मे मनाया जाता हैं।

शिवरात्री      फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष के चौदहवे दिन यह त्योहार मनाया जाता हैं। यह शिव-पार्वती विवाह का त्योहार हैं। इस मौके पर शिव- पार्वती की शादी की मनमोहक झाकियाँ , शोभा यात्रा , और फिर भव्य शादी होती है।

तीज एवं चौथ    भाद्र मास की तीसरी और चौथी तारीख को महिलाओ द्धारा यह त्योहार अपने पति की लम्बी आयु के लिए मनाया जाता हैं।

जन्माष्टमी    भाद्र मास के कृष्ण पक्ष के आठवे दिन यह त्योहार भगवान कृष्ण के जन्मोतसव के रुप मे मनाया जाता हैं।

अनंत चतुर्दशी  भाद्र पूर्णिमा के दिन विष्णु भगवान की पुजा का आयोजन इस त्योहार मे किया जाता हैं।

विजयादशमी    यह  त्योहार आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दसवीं तिथी को मनाया जाता हैं। यह त्योहार भी अच्छाई की बुराई के ऊपर जीत के रूप मे मनाया जाता हैं। इसी दिन राम ने रावण का वध किया था ।

दीपावली      दीपावली कार्तिक माह की अमावस्या को मनाया जाता हैं। इस त्योहार पर घर के चारो तरफ साफ सफाई की जाती हैं तथा दीप जलाये जाते हैं । लोग एक दूसरे को मिठाइयाँ खिलाते हैं। इसी दिन लक्ष्मी पुजा का भी आयोजन होता हैं। हिन्दु मान्यता के अनुसार राम रावण का वध कर इसी दिन अयोध्या लौटे थे।

छठ पूजा   यह बिहार का प्रमुख क्षेत्रीय त्योहार हैं। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष के छठें दिन अस्ताचलगामी सूर्य को नमन कर अध्र्य (अरग) प्रदान किया जाता हैं। श्रद्धा एवं विश्वास का यह एक अनुठा त्योहार हैं।

दवात पूजा  यह त्योहार कायस्थ जाति द्धारा विशेष रूप से मनाया जाता हैं। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष के दूसरे दिन चित्रगुप्त भगवान की पूजा की जाती हैं।

गुरूगोविन्द सिंह जन्म दिवस     सिख पंथ के दसवें गुरू गोविन्द सिंह की जयंती बिहार मे पूरे धूमधाम से मनायी जाती हैं। 

महावीर जयंती    जैन धर्म के अंतिम प्रवर्तक एवं चौबीसवें तीर्थकर भगवान महावीर का जन्म दिवस चैत्र शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को बड़े धूमधाम से मनाया जाता हैं।

सरहुल यह त्योहार आदिवासियों का  प्रमुख त्योहार हैं। यह त्योहार कृषि कार्य प्रारंभ करने से  पहले  मनाया जाता हैं।

कर्मा  यह त्योहार भी आदिवासियों का ही हैं। यह त्योहार भाद्र माह के शूक्ल पक्ष की एकादशी को मनाया जाता हैं।

जीतिया  इस त्योहार मे महिलाएँ अपनी संतान के  दीर्घजीवी होने की कामना करती है तथा इस दिन उपवास रखती हैं।

तीज  इस त्योहार मे महिलायें अपने पति के दीर्घ जीवन की कामना करती हैं तथा इस दिन उपवास रखती हैं।

 

 

 

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